क्या अब भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सुलह की संभावना बनी है?

क्या अब भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सुलह की संभावना बनी है?





राजस्थान का सियासी संकट दिलचस्प मोड़ पर है। सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक कर 107 से ज्यादा विधायकों का दावा किया है। सचिन पायलट के रुख को देखकर माना जा रहा है कि अब वे कांग्रेस से बगावत के रास्ते पर आगे बढ़ चुके हैं। लेकिन, कुछ राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि अभी भी कांग्रेस आलाकमान गहलोत और पायलट के बीच सुलह के रास्ते तलाश रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के रवैये से भी ऐसा लग रहा है कि पार्टी पायलट को मनाने की आखिरी कोशिश में जुटी है।

पहले पायलट के पोस्टर हटे, फिर लगाये गए
रविवार रात ही साफ हो गया था कि सोमवार को पायलट विधायक दल की बैठक में नहीं जाएंगे। तब इस चर्चा ने जोर पकड़ा था कि पायलट अगर बैठक में नहीं पहुंचे तो उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। सोमवार सुबह जयपुर कांग्रेस कार्यालय से पायलट के पोस्टर हटा दिए गए। लेकिन, इसके थोड़ी देर बाद ही पायलट के पोस्टर फिर लगा दिए गए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने कहा कि अब पायलट भाजपा में हैं। बाद में उन्होंने बाकायदा वीडियो जारी कर इसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनकी जुबान फिसल गई थी, भाजपा में होने की बात उन्होंने सिंधिया के लिए कही है। इसके अलावा रणदीप सुरजेवाला ने भी पायलट के लिए अपना नरम रुख रखा। प्रेस कान्फ्रेंस मे उन्होंने भाजपा पर ही निशाना साधा। विधायक दल की बैठक में भी बिना सचिन पायलट का नाम लिए प्रस्ताव पास किए गए। इन सारे घटनाक्रमों के बाद चर्चा ने जोर पकड़ा कि कांग्रेस आलाकमान पायलट को मनाने में जुटा है।

एक दिन पहले सक्रिय रहे पायलट ने आज चुप्पी साध ली
दिल्ली में मौजूद सचिन पायलट रविवार को आक्रामक नजर आ रहे थे। संडे, रात को यह चर्चा भी रही कि पायलट सोमवार को भाजपा में शामिल हो सकते हैं। लेकिन, सोमवार को पायलट खेमे ने चुप्पी साध ली। दिल्ली में भी पायलट खेमे की कोई ऐसी गतिविधि नहीं दिखी कि वे भाजपा के करीब जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस आलाकमान की ओर से केसी वेणुगोपाल की पहल के बाद पायलट खेमे ने चुप्पी साध ली। यह भी चर्चा है कि कांग्रेस राजस्थान प्रकरण को सुलझाने में जुटे नेताओं ने राहुल गांधी से सचिन पायलट की बातचीत की रुपरेखा बना ली है।

पायलट की कुछ मांगे मानी जा सकती हैं
चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान सचिन की पायलट की कुछ मांगे मान सकता है। जैसे सरकार पायलट समर्थकों को मिले एसओजी नोटिस वापस लेगी। साथ ही सचिन पायलट प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रखेंगे। सचिन पायलट के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटायेजाने की खबरों से भी नाराजचल रहे थे।आलाकमान पायलट की यह मांग भी मान सकता है कि गहलोत अपनी सरकार में दूसरा उपमुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे। पायलट इस बात से भी नाराज है कि गहलोत सरकार में एक और मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के रवैये से भी ऐसा लग रहा है कि पार्टी पायलट को मनाने की आखिरी कोशिश में जुटी है।



Source link

सभी अपडेट के लिए हमें Facebook और Twitter पर फ़ॉलो करें

राष्ट्र निर्माण में सहयोग के लिए करें. (9887769112)
हमारी स्वतंत्र पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करे



Leave a Comment