दहेजलोभी बीएसएनएल के लेखाधिकारी के खिलाफ चार्जशीट पेश

जीएमटीडी बांसवाड़ा में कार्यरत है अभियुक्त एस.एन. गुप्ता

जयपुर (जितेन्द्र शर्मा)। राजधानी की महिला थाना (पश्चिम) पुलिस ने  बीएसएनएल  विभाग के जीएमटीडी बांसवाड़ा के लेखाधिकारी  सत्यनारायण गुप्ता (एस.एन. गुप्ता) के खिलाफ  दहेज प्रताडऩा के  मामले में आखिरकार चार्जशीट पेश कर दी है। पुलिस ने चार्जशीट शहर की  अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश  एवं महानगर मजिस्ट्रेट, क्रम-20 महानगर अदालत में पेश की है।

चार्जशीट में पुलिस ने अदालत को बताया कि राजीनामा के  कुछ समय बाद से ही आरोपी लेखाधिकारी सत्यनारायण गुप्ता पीडि़ता  अनु गुप्ता  को  मानसिक  रूप से परेशान  करता एवं  राजीनामा के  मुताबिक  पत्नी को ढंग से नहीं रखता है। आरोपी ने पीडि़ता को  कई बार टेलीफोन पर भी धमकाया है। जिस मकान में  पीडि़ता व आरोपी रहते हैं, उसके भूतल में  परिवादिया रहती है तथा  ऊपर के  हिस्से में आरोपी  रहता है। आरोपी ने  परिवादिया को वहां पर भी रहने  में परेशान कर रखा है आरोपी सत्यनारायण गुप्ता परिवादिया  को राजीनामा के बाद भी मानसिक रूप से प्रताडि़त करता रहा है।

इस प्रकार जांच के बाद पुलिस  ने आरोपी सत्यनारायण गुप्ता के  खिलाफ दहेज प्रताडऩा प्रमाणित मानते हुए तथा कोर्ट से अभियुक्त की अग्रिम  जमानत स्वीकार होने पर  जमानत मुचलका तस्दीक करवाए। उसके बाद आरोपी के खिलाफ  आईपीसी की धारा 498ए, 406 का अपराध प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) से चालानी आदेश प्राप्त कर प्रकरण में चार्जशीट पेश की है।

जानकारी हो कि आरोपी सत्यनारायण गुप्ता (एस.एन. गुप्ता) राजधानी के एमआई रोड़  स्थित  भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) विभाग के प्रधान  महाप्रबंधक दूरसंचार जिला (पीजीएमटीडी) जयपुर कार्यालय में लेखाधिकारी के पद पर कार्यरत था व  करीब  सात  माह पहले उसका तबादला  महा प्रबंधक दूरसंचार जिला (जीएमटीडी) बांसवाड़ा कार्यालय में हो गया।

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क्या है मामला:

चित्रकूट, वैशाली नगर निवासी  अनु गुप्ता ने आरोपी  पति एवं बीएसएनएल के  जीएमटीडी बांसवाड़ा कार्यालय के लेखाधिकारी  सत्यनारायण गुप्ता (एस.एन. गुप्ता) व ससुरालजनों के  खिलाफ  आए दिन उससे  दहेज में 5 लाख रुपए व मारूति कार  की मांग करने पर  मामला  दर्ज कराया था। पुलिस ने राजीनामे के आधार पर पुलिस ने प्रकरण में  एफ.आर. लगा दी थी।

उसके बाद पीडि़ता की प्रोटेस्ट पिटीशन पर राजीनामा के तथ्यों से  इनकारी को  देखते हुए अदालत ने पुलिस को दोबारा जांच करने के आदेश दिए थे। उधर, पीडि़ता ने घरेलू हिंसा का  प्रकरण भी आरोपी पति के खिलाफ पेश कर रखा है।

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