पायलट खेमे के 30 एमएलए विधायकी छोड़ते हैं तो भी सरकार बनाने के लिए भाजपा को 11 नए सहयोगी तलाशने होंगे

पायलट खेमे के 30 एमएलए विधायकी छोड़ते हैं तो भी सरकार बनाने के लिए भाजपा को 11 नए सहयोगी तलाशने होंगे


  • पायलट खेमे के 30 विधायकों के विधायकी छोड़ने और 13 निर्दलियों समेत अन्य दल भाजपा के साथ चले जाएं तो सत्ता में आ जाएगी भाजपा
  • कांग्रेस के जो 18 विधायक मीटिंग में नहीं पहुंचे, वो सभी कांग्रेस का साथ छोड़ते हैं तो भी निर्दलियों के सहारे सत्ता बचा सकते हैं गहलोत

दैनिक भास्कर

Jul 13, 2020, 06:52 PM IST

जयपुर. राजस्थान में सियासी उठापटक जारी है। डिप्टी सीएम सचिन पायलट अपने साथ 30 विधायक होने का दावा कर रहे हैं। गहलोत खेमा 107 विधायकों के साथ होने का दावा कर रहा है। हमारे सूत्र बताते हैं कि ये दावा कमजोर है। गहलोत के घर पर हुई बैठक में कांग्रेस के 18 विधायक नहीं पहुंचे। 

पायलट का दावा सही होने की स्थिति में भी भाजपा के लिए सरकार बनाने की राह आसान नहीं होगी। वहीं, जो विधायक गहलोत के घर नहीं पहुंचे अगर उतने विधायक भी पायलट के साथ जाते हैं तो गहलोत सरकार निर्दलियों और अन्य छोटे दलों के सहारे पर आ जाएगी। आइए जानते हैं विधानसभा का गणित और सत्ता के समीकरण…

पहली स्थिति

पायलट का दावा मेरे साथ 30 एमएलए, अगर ये विधायकी छोड़ते हैं तो भी भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगी 
सदन में सदस्य संख्या: 200-30= 170
बहुमत के लिए जरूरी:  86 
कांग्रेस: 107-30 = 77 (बहुमत से 9 कम)
भाजपा+रालोपा: 75 (बहुमत से 11 कम)
अन्य: 18 (निर्दलीय: 13, सीपीएम: 2, बीटीपी: 2, रालोद: 1)
इस स्थिति में निर्दलीय सबसे अहम भूमिका में होंगे। फिलहाल, 10 निर्दलीय और रालोद के सुभाष गर्ग गहलोत के साथ हैं। अगर ये सभी कांग्रेस के साथ बने रहते हैं तो गहलोत सरकार बचा ले जाएंगे।  

दूसरी स्थिति

तीसरी स्थिति

चौथी स्थिति



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