द्वितीय गुरु सुरेन्द्र नाथ जेना अंतर्राष्ट्रीय उत्सव कल से

जयपुर। वर्ष 2016 के सफलतम प्रथम अंतर्राष्ट्रीय उत्सव के बाद नृत्यशिल्प गुरु सुरेन्द्र नाथ जेना ओडिसी डांस फाउंडेशन, द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय उत्सव जयपुर में आयोजित करने जा रहा है। इस बार थियेटर को भी स्थान दिया जा रहा है। अमेरिका, रूस, यूक्रेन, जर्मनी एवं भारत के ओडिसी नृत्य एवं नाट्य कला की प्रस्तुति करेंगे। दो दिन के इस उत्सव में कला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुलदीप रांका, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राजस्थान के आयुक्त रवि जैन, अल्प संख्यक आयोग के जसबीर सिंह, कानूनविद् एचसी गणेशिया अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।

गुरुवार को राजधानी की पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में गुरु प्रतिभा जेना सिंह ने यह जानकारी दी। इस उत्सव के आयोजन में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं रविन्द्र मंच सोसायटी और भारतीय दूतावास रूस की ओर से आंशिक रूप से योगदान किया गया है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन रविन्द्र मंच प्रेक्षागृह में आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार को शाम 6.30 बजे इसमें गुरु सुरेन्द्र नाथ जेना ओडिसी नृत्य प्रस्तुति, अमेरिका, रूस व भारत के कलाकारों की ओर से और “दूतवाक्यम्” हिंदी नाटक, प्रतिभा सांस्कृतिक संस्थान दिल्ली के निर्देशक भूमिकेश्वर सिंह करेंगे। 17 नवंबर को शाम 6.30 बजे होने वाले कार्यक्रम में गुरु सुरेन्द्र नाथ जेना ओडिसी नृत्य शैली प्रस्तुति, यूक्रेन, रूस, व भारत के कलाकारों की ओर से एवं द इमेजनरी ईनवैलिड जर्मन नाटक फ्रैकफर्ट थियेटर जर्मनी के निर्देशक फ्रैंक रोडयूग की ओर से किया जाएगा।

नृत्यशिल्प गुरु सुरेन्द्र नाथ जेना ओडिसी डांस फाउंडेशन की संस्थापक गुरु प्रतिभा जेना सिंह ने बताया कि वह अपने पिता-गुरु की नृत्य शैली की प्राथमिक पुरालेखपाल भी हैं। उन्होंने त्रिवेणी कला कला संगम, नई दिल्ली में 1968 से 2007 तक छात्रों को नृत्य शिक्षा दी। इस यात्रा को कायम रखने के लिए गुरु प्रतिभा भी यहीं अपने छात्रों को शिक्षा देती हैं। वर्ष 2008 में गुरु प्रतिभा ने नृत्यशिल्प की स्थापना की संस्थान का उद्देश्य प्रदर्शन, कार्यशाला व अंतर्राष्ट्रीय उत्सव से इस विशिष्ट शैली को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाना है। इसके अलावा ओडिसा की कला संस्कृति और इतिहास की अंतर्दृष्टिके साथ इस शैली में छात्रों को समग्र प्रशिक्षण प्रदान करना है। संस्थान के वरिष्ठ कलाकार देश-विदेश में प्रदर्शन, कार्यशाला एवं प्रशिक्षण करते रहते हैं। यह आयोजन भी उसी का एक भाग है उसमें देश-विदेश से गुरुजी की शैली में प्रशिक्षित छात्राएं भाग ले रही हैं।

गुरु प्रतिभा जेना सिंह ने बताया कि गुरु सुरेन्द्र नाथ जेना की विदेशी शिष्याओं में गणेश अकादमी की निदेशक मलिसा स्प्राउल सिंह, सेन्टर फॉर इंडियन कल्चर, रत्ना की निदेशक नतालिया बेलचेन्को, ओरियंटेल डांस क्लब, सिल्क वे की निदेशक सुसलोवा काफी समय से नृत्य प्रशिक्षण ले रही हैं। इस समारोह में 20 वर्षों से भारतीय शास्त्रीय नाट्य शास्त्र पर आधारित नाटक प्रस्तुत करने वाली संस्था प्रतिभा सांस्कृतिक संस्थान दिल्ली अपने छ:ऊ शैली में संस्कृत नाटक महाकवि भास कृत “दूतवाक्यम्” की प्रस्तुति निर्देशक भमिकेश्वर सिंह की ओर से करेगा।

उन्होंने बताया कि इस उत्सव में जर्मनी से अतिथि के रूप में थियेटर फ्रैंकफर्ट भाग ले रहे हैं जिसके निदेशक फ्रैक रोडरिगों हैं जो अपने 5 कलाकार साथियों की ओर से एक साइको फिजीकल नाटक “द इमेजनरी ईनवैलिड” की प्रस्तुति जर्मन भाषा में देंगे।

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