चीन ने पहली बार अपनी परंपरागत दवाओं की लिस्ट से पैंगोलिन का नाम हटाया, दुनियाभर में सबसे ज्यादा तस्करी इसी की होती है

चीन ने पहली बार अपनी परंपरागत दवाओं की लिस्ट से पैंगोलिन का नाम हटाया, दुनियाभर में सबसे ज्यादा तस्करी इसी की होती है

चींटी खाने वाले इस जीव की पूरी दुनिया में सबसे अधिक तस्करी होती है और इसकी सभी आठ प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट ने कहा- चीन के इस कदम का बड़ा प्रभाव होगा, क्योंकि पैंगोलिन को बचाना है, तो यह करना जरूरी है दैनिक भास्कर Jun 12, 2020, 05:49 AM IST कोरोनावायरस के सोर्स का अब तक कोई पता नहीं चला है, लेकिन चीन ने लगभग मान लिया है कि पैंगोलिन से नए वायरस का कोई न कोई कनेक्शन जरूर है। इसीलिए करीब छह महीने के…

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एक्सपर्ट्स की सलाह- दोनों के लक्षण एक जैसे हैं, अंतर बेहद मामूली; पर इन्हें कुछ सावधानियों से पहचान सकते हैं

एक्सपर्ट्स की सलाह- दोनों के लक्षण एक जैसे हैं, अंतर बेहद मामूली; पर इन्हें कुछ सावधानियों से पहचान सकते हैं

कोरोना के लक्षण ज्यादातर गले ओर सीने के दर्द से जबकि फ्लू के लक्षण नाक से जुड़े होते हैं फ्लू से हर साल 2.90 से 6.50 लाख लोगों की जान जाती है, जबकि कोरोना से अब तक 4 लाख मौतें हुई हैं गौरव पांडेय Jun 10, 2020, 05:50 AM IST कोविड-19 का दौर ही चल ही रहा है कि सीजनल फ्लू का भी मौसम आ गया। दोनों बीमारियां अलग हैं, लेकिन कई लक्षण एक जैसे ही हैं। इससे लोग समझने में भी गलती कर रहे हैं कि उन्हें हुआ क्या है?…

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गंजे पुरुषों में कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा, स्पेन में हुईं दो रिसर्च का निष्कर्ष

गंजे पुरुषों में कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा ज्यादा, स्पेन में हुईं दो रिसर्च का निष्कर्ष

अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता कार्लोस वैम्बियर के मुताबिक, गंजापन संक्रमण ज्यादा गंभीर होने रिस्क फैक्टर है गंजेपन से कोरोना मरीजों से कनेक्शन समझने के लिए स्पेन में दो रिसर्च हुईं​​​​​​, 122 पुरुष कोरोना मरीजों में 79 फीसदी गंजे थे दैनिक भास्कर Jun 06, 2020, 05:51 AM IST गंजे पुरुषों में कोरोनावायरस के गंभीर संक्रमण का खतरा ज्यादा है। यह दावा अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता ने किया है। शोधकर्ता कार्लोस वैम्बियर का कहना है कि गंजापन संक्रमण और गंभीर होने रिस्क फैक्टर है। गंजेपन का कोरोना मरीजों…

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वुहान की लैब में चमगादड़ों में 3 तरह के वायरस मिले, लेकिन कोई भी कोरोना से मेल नहीं खाता

वुहान की लैब में चमगादड़ों में 3 तरह के वायरस मिले, लेकिन कोई भी कोरोना से मेल नहीं खाता

वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोनावायरस चमगादड़ों से आया और स्तनपायी जानवर के जरिए इंसानों में फैला वुहान लैब की निदेशक ने कहा- राष्ट्रपति ट्रम्प और अन्य लोगों का दावा बिल्कुल मनगढ़ंत है कि वायरस लैब से फैला दैनिक भास्कर May 24, 2020, 01:00 PM IST बीजिंग. चीन के वुहान शहर स्थित वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट में चमगादड़ों में पाए जाने वाले वायरस के तीन स्ट्रेन मिले हैं। हालांकि, इनमें से कोई भी कोरोनावायरस से मेल नहीं खाता है, जिससे दुनियाभर में लाखों जानें गईं हैं। इंस्टीट्यूट की निदेशक वॉन्ग यान्यी ने ये जानकारी दी। वैज्ञानिकों…

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सतगुरु साई फाउंडेशन की ओर से किया गया राशन सामग्री का वितरण

सतगुरु साई फाउंडेशन की ओर से किया गया राशन सामग्री का वितरण

जयपुर। लॉक डाउन के चलते करीब 47 दिन हो चुके हैं सरकार और सामाजिक संगठनों द्वारा गरीब परिवारों के लिए मदद का अभियान चलाया जा रहा है। जरूरतमन्द लोगो को किट वितरित किये जा रहे हैं। सतगुरु साई फाउंडेशन द्वारा इस विश्व महामारी कोरोना में राशन सामग्री के किट जरूरतमन्द लोगो को वितरित किये जा रहे है। फाउंडेशन के चेयरमैन मोहन सेतिया ने बताया है कि राजेन्द्र सेतिया जो की एस.के. फ़ाइनैन्स के CEO हैं, ने 52 हजार रुपए सतगुरु साईं फ़ाउंडेशन में दान किए हैं। इस राशि से सौ…

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मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना में ज्यादा फायदेमंद नहीं, मरीज बच नहीं पा रहे – कोलंबिया यूनिवर्सिटी की स्टडी

मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना में ज्यादा फायदेमंद नहीं, मरीज बच नहीं पा रहे – कोलंबिया यूनिवर्सिटी की स्टडी

अमेरिकी लोगों ने डर के मारे दवा जमा करना शुरू किया, एफडीए ने जारी की चेतावनी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन किन मरीजों को दी जाए, इस पर भी डॉक्टर- वैज्ञानिक एकमत नहीं दैनिक भास्कर May 11, 2020, 12:53 PM IST न्यूयॉर्क. कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोरोना संक्रमण के लिए बेहद उपयोगी मानी जा रही मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। यूनिवर्सिटी ने करीब 1400 मरीजों पर की गई एक स्टडी में दावा किया गया है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन लेने वाले और न लेने वाले मरीजों की स्थिति में बहुत ज्यादा फर्क…

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तीन शीर्ष संस्थानों के वैज्ञानिकों ने चेताया- कोरानावायरस महामारी 2022 तक बनी रहेगी और इसके दौर चलते रहेंगे

तीन शीर्ष संस्थानों के वैज्ञानिकों ने चेताया- कोरानावायरस महामारी 2022 तक बनी रहेगी और इसके दौर चलते रहेंगे

रिपोर्ट सेंटर फॉर इंफेक्शियस डिसीज, टुलाने यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक्सपर्ट ने लिखी है दुनियाभर में लॉकडाउन के बाद अब बिजनेस और सार्वजनिक स्थानों के खुलने के कारण खतरा फिर बढ़ने लगा है दैनिक भास्कर May 01, 2020, 07:22 PM IST न्यू यॉर्क. कोरोनावायरस और इसका फैलाया संक्रमण इतनी जल्दी इंसानों का पीछा नहीं छोड़ेगा। विशेषज्ञों की एक टीम ने कहा कि कोरोनोवायरस महामारी अगले दो साल तक चलने की संभावना है। इन विशेषज्ञों की सलाह है कि अनुमानित इसे 2022 तक नियंत्रित नहीं किया जा सकेगा और ये तभी काबू…

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