लाॅटरी के 6 वर्ष बाद भी पत्रकार को नहीं दिया प्लाॅट, अदालत ने जेडीए को किया तलब

जयपुर। राजधानी की एक अदालत ने पत्रकार योजना में प्लाॅट आवंटन करने के 6 वर्ष बाद भी उसे प्लाॅट नहीं दिए जाने के मामले में जयपुर विकास प्राधिकरण को नोटिस जारी कर तलब किया है। अपर सिविल न्यायाधीश एवं महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-24, बस्सी, जयपुर महानगर ने यह आदेश अनिल त्रिवेदी बनाम सचिव, जयपुर विकास प्राधिकरण याचिका में दिया है। अदालत ने जेडीए को जबाव पेश करने के लिए आगामी 23 अक्टूबर का समय दिया है।

क्या है मामला

आगरा रोड़ की जामडोली स्थित केशव विहार निवासी पत्रकार अनिल त्रिवेदी ने याचिका में बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण की पिंकसिटी प्रेस एन्क्लेव उदयपुरिया में पत्रकारों के लिए आवासीय योजना विकसित की गई। इसके लिए जेडीए के स्वामित्व वाली 80 बीघा भूमि को प्रयोग में लाया गया। उक्त योजना के तहत पत्रकारों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। वादी अनिल त्रिवेदी ने भी इस संबंध में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया एवं साथ ही 10 हजार रुपए का बैंकर्स चैक प्रतिवादी के नाम दिया था।

याचिका में त्रिवेदी ने बताया कि उसने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के दौरान मांगे गए समस्त आवश्यक दस्तावेज प्रतिवादी जेडीए के समक्ष प्रस्तुत कर दिए थे। बाद में प्रतिवादी की ओर से उक्त योजना पिंकसिटी प्रेस एन्क्लेव नायला, जयपुर में 17.04.2013 को लाॅटरी निकाली गई। जिसमें वादी को भूखण्ड संख्या-बी/62, क्षेत्रफल 198 वर्गमीटर देने की घोषणा की गई।

जेडीए की ओर से 17.04.2013 को सूची जारी करने के बाद भी आज तक प्रतिवादी ने कोई भी आवंटन पत्र वादी के नाम से जारी नहीं किया गया है। जबकि, उसने जेडीए के समक्ष कई प्रार्थना पत्र भूखण्ड आवंटन के लिए दिए थे, लेकिन प्रतिवादी की ओर से इस संबंध में कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई।

सूचना पत्र का भी नहीं दिया जबाव

अनिल त्रिवेदी ने बताया कि गत् 26 अगस्त को उसने जेडीए को सूचना पत्र प्रेषित कर अन्य स्थान पर भूखण्ड आवंटित करने की मांग की, लेकिन उसे ना तो कोई जबाव दिया गया और ना ही अन्य योजना में भूखण्ड आवंटित किया गया।

याचिकाकर्ता अनिल त्रिवेदी

संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 का उल्लंघन

अनिल त्रिवेदी ने बताया कि उसका नाम लाॅटरी में शामिल करना यह साबित करता है कि वह भूखण्ड प्राप्त करने का अधिकारी है एवं इस संबंध में वह समस्त योग्यताएं रखता है। जेडीए की ओर से भूखण्ड का आवंटन न करना उसके अधिकारों पर कुठाराघात है साथ ही अन्य पत्रकारों को अन्य योजनाओं में भूखण्ड आवंटित करना संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 15 का स्पष्ट उल्लंघन है।
आपको बता दें कि अनिल त्रिवेदी पत्रकार संगठन “काॅन्सिल ऑफ जर्नलिस्ट” के राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष एवं जीओ न्यूज चैनल के राजस्थान हैड हैं।

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